
एक समय की बात है, मुगल बादशाह अकबर का दरबार अपनी पूरी भव्यता के साथ सजा हुआ था। सभा में राज्य के सभी मंत्री, दरबारी और बुद्धिजीवी उपस्थित थे। बादशाह अकबर के मन में अक्सर अनोखे और गूढ़ सवाल उठा करते थे, जिनके जवाब ढूंढना आम लोगों के बस की बात नहीं होती थी। अपनी इसी आदत के चलते, अकबर ने दरबार में बैठे सभी लोगों की बुद्धिमत्ता की परीक्षा लेने का निर्णय लिया।
बादशाह ने सभा को संबोधित करते हुए एक सवाल पूछा, “दरबारियों! क्या आप में से कोई मुझे बता सकता है कि इस पूरी सृष्टि में ऐसी कौन सी चीज़ है, जो हमेशा केवल बढ़ती ही जाती है और कभी भी घटती नहीं है?”
बादशाह का यह प्रश्न सुनकर पूरे दरबार में सन्नाटा छा गया। सभी दरबारी एक-दूसरे का मुंह ताकने लगे। कुछ मंत्रियों ने आपस में कानाफूसी शुरू कर दी, लेकिन किसी के पास भी इस सवाल का सटीक उत्तर नहीं था।
दरबारियों के असफल प्रयास
कुछ देर बाद, दरबार के सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में से एक ने खड़े होकर कहा, “जहाँपनाह! मेरे विचार से मनुष्य की ‘संपत्ति’ या ‘धन’ हमेशा बढ़ता है, बशर्ते वह समझदारी से काम ले।”
बादशाह अकबर ने मुस्कुराते हुए सिर हिलाया और कहा, “नहीं मंत्री जी, आपका जवाब सही नहीं है। व्यापार में घाटा होने पर या फिजूलखर्ची के कारण धन घट भी जाता है। मैंने ऐसी चीज़ पूछी है जो कभी घटती ही नहीं, सिर्फ बढ़ती है।”
इसके बाद एक अन्य दरबारी ने हिम्मत जुटाई और कहा, “हुजूर! क्या वह चीज़ ‘समुद्र का पानी’ है?”
अकबर ने जवाब दिया, “बिल्कुल नहीं! गर्मी के मौसम में वाष्पीकरण के कारण समुद्र का जलस्तर भी घट जाता है। कोई और प्रयास करना चाहेगा?”
अब सभा में पूरी तरह शांति छा चुकी थी। जब किसी को कोई उत्तर नहीं सूझा, तो सबकी नजरें हमेशा की तरह बीरबल पर जाकर टिक गईं। बीरबल शांत भाव से अपनी जगह पर बैठे मुस्कुरा रहे थे।
बीरबल का चतुराई भरा जवाब
बादशाह अकबर ने बीरबल की तरफ देखा और कहा, “बीरबल, क्या तुम्हारे पास इस पहेली का कोई हल है? या फिर इस बार तुमने भी हार मान ली है?”
बीरबल अपने स्थान से खड़े हुए, बादशाह को सम्मानपूर्वक प्रणाम किया और बोले, “जहाँपनाह! इस संसार में ऐसी कई चीज़ें हैं जो केवल बढ़ती हैं, लेकिन मैं आपको ऐसी तीन मुख्य चीज़ों के बारे में बताऊंगा जो कभी घटती नहीं हैं।”
अकबर उत्सुकता से बोले, “जल्दी बताओ बीरबल, हम सब सुनने के लिए बेचैन हैं।”
बीरबल ने विस्तार से समझाना शुरू किया:
1. मनुष्य की उम्र (Age)
बीरबल ने कहा, “जहाँपनाह, इस सृष्टि में सबसे पहली चीज़ जो हमेशा केवल बढ़ती है और कभी घटती नहीं, वह है ‘मनुष्य की उम्र’। इंसान का जन्म जिस पल होता है, उसी पल से उसकी उम्र लगातार बढ़ती ही जाती है। कोई भी राजा, रंक या जादूगर अपनी बढ़ चुकी उम्र को एक सेकंड के लिए भी पीछे नहीं धकेल सकता और न ही उसे घटा सकता है।”
यह सुनते ही अकबर ने अपनी सहमति में सिर हिलाया। दरबार में बैठे लोग भी बीरबल के इस तर्क से बेहद प्रभावित हुए।
2. मनुष्य का लालच और तृष्णा (Greed and Desires)
बीरबल ने आगे कहा, “जहाँपनाह, दूसरी चीज़ है ‘मनुष्य की तृष्णा’ यानी उसका ‘लालच’। इंसान को जितना मिलता जाता है, उसकी इच्छाएं उतनी ही बढ़ती जाती हैं। एक इच्छा पूरी होते ही दस नई इच्छाएं जन्म ले लेती हैं। लालच कभी स्वतः कम नहीं होता, जब तक कि इंसान खुद संतोष का मार्ग न अपनाए।”
अकबर बीरबल की इस दार्शनिक बात से अत्यंत प्रभावित हुए क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में कई ऐसे राजा देखे थे जो असीमित साम्राज्य के बाद भी और अधिक भूमि के लालच में युद्ध करते रहे।
3. मनुष्य का ज्ञान और बुद्धि (Knowledge)
अंत में बीरबल ने मुस्कुराते हुए कहा, “और हुजूर, तीसरी सबसे खूबसूरत चीज़ है ‘ज्ञान’। जब हम अपना ज्ञान दूसरों के साथ साझा करते हैं, तो यह कभी कम नहीं होता, बल्कि दिन-ब-दिन और अधिक निखरता और बढ़ता ही जाता है। ज्ञान को न तो कोई चुरा सकता है और न ही यह समय के साथ घटता है।”
कहानी से सीख
बीरबल का यह तार्किक और बुद्धिमानी से भरा उत्तर सुनकर पूरी सभा तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी। बादशाह अकबर बीरबल के इस जवाब से बेहद प्रसन्न हुए। उन्होंने बीरबल की पीठ थपथपाई और उन्हें कीमती मोतियों का हार उपहार स्वरूप भेंट किया।
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि जीवन में भौतिक चीजें जैसे धन, संपत्ति और वैभव अस्थायी हैं और घट-बढ़ सकती हैं। लेकिन हमारा ज्ञान, हमारा चरित्र और समय (उम्र) ऐसी चीज़ें हैं जिन पर हमें ध्यान देना चाहिए क्योंकि यही जीवन की वास्तविक और शाश्वत संपदा हैं।
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